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बाल विवाह रोकने की मुहिम चलाई गई,IDF संस्था मुजफ्फरपुर के द्वारा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाऊंडेशन-यूएस का सहयोग।

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बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। इसे जड़ से समाप्त करना अर्थात् इसे खत्म करना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। कम उम्र के बच्चों की शादी करने के कारण वे न तो मानसिक विकास को बढ़ा पाते हैं ना ही उनका शैक्षणिक गतिविधि बेहतर हो पाता है। बाल विवाह कानून में भी अपराध है। असमाजिक गतिविधि, अशिक्षा, कुप्रथा, जागरूकता की कमी के कारण आज भी बाल विवाह हो रहे हैं। इसको हरसंभव रोकने की जरूरत है ताकि हम एक स्वस्थ, शिक्षित व जागरूक समाज का निर्माण कर सकें।  मीनापुर प्रखंड अंतर्गत हरकामानशाही पंचायत में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर झंडा तोलन किया गया एवं बाल विवाह, बाल तस्करी , बाल लैंगिक हिंसा जैसे मुद्दों पर जागरूक की गई साथ ही बाल विवाह रोकने हेतु शपथ दिलाई गए  https://www.facebook.com/share/v/BJdLLjvkQp3UGNqS/?mibextid=qi2Omg

बाल विवाह रोकने की मुहिम चलाई गई,IDF संस्था मुजफ्फरपुर के द्वारा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाऊंडेशन-यूएस का सहयोग।

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  बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। इसे जड़ से समाप्त करना अर्थात् इसे खत्म करना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। कम उम्र के बच्चों की शादी करने के कारण वे न तो मानसिक विकास को बढ़ा पाते हैं ना ही उनका शैक्षणिक गतिविधि बेहतर हो पाता है। बाल विवाह कानून में भी अपराध है। असमाजिक गतिविधि, अशिक्षा, कुप्रथा, जागरूकता की कमी के कारण आज भी बाल विवाह हो रहे हैं। इसको हरसंभव रोकने की जरूरत है ताकि हम एक स्वस्थ, शिक्षित व जागरूक समाज का निर्माण कर सकें।  मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर प्रखंड अंतर्गत  हरका मानशाही पंचायत में  राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय हरकामानशाही में किशोर एवं किशोरियों को जागरुक कर बाल विवाह रोकने हेतु शपथ दिलाई गई जिसमें उपस्थित सुरेंद्र राम  प्राचार्य एवं सहायक शिक्षक विनय तिवारी, छोटेलाल राम, मधुबाला सिंह, एवं  IDF संस्था के प्रखंड समन्वयक विनय भूषण उपस्थित रहे   

बाल विवाह रोकने की मुहिम चलाई गई,IDF संस्था मुजफ्फरपुर के द्वारा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाऊंडेशन-यूएस का सहयोग।

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 बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। इसे जड़ से समाप्त करना अर्थात् इसे खत्म करना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। कम उम्र के बच्चों की शादी करने के कारण वे न तो मानसिक विकास को बढ़ा पाते हैं ना ही उनका शैक्षणिक गतिविधि बेहतर हो पाता है। बाल विवाह कानून में भी अपराध है। असमाजिक गतिविधि, अशिक्षा, कुप्रथा, जागरूकता की कमी के कारण आज भी बाल विवाह हो रहे हैं। इसको हरसंभव रोकने की जरूरत है ताकि हम एक स्वस्थ, शिक्षित व जागरूक समाज का निर्माण कर सकें। आइडीएफ संस्था मुजफ्फरपुर जिले के पांच प्रखंड के 150 गाँवों में निरंतर शिक्षण संस्थानों, पंचायत प्रतिनिधियों, आम सभाओं, ग्राम सभाओं, पारिवारिक व व्यक्तिगत स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए तत्परता दिखा रही है व उनको शपथ दिलवाकर बाल विवाह को हरसंभव रोकने के लिए प्रयासरत है। बाल विवाह हो सकने वाली परिवारों को चिन्हित कर उस परिवार पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। बाल विवाह सदियों से भारत के लिए एक गंभीर सामाजिक समस्या बनी हुई है। गुलाम भारत में कई समाज सुधारकों ने इसके नुकसान को पहचानते हुए लोगों को जागरुक करने की कोशिश की। अंग्र...

परिवार नियोजन के सामाजिक,आर्थिक प्रभाव, परिवार नियोजन की जरूरते इससे जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों, गर्भनिरोधक साधन एवं इसकी उपलब्धता,भ्रम-भ्रांतियां के प्रति सभी लोगों को जागरूक किया गया साथ ही नई पहल किट वितरण स्वास्थ्य समिति सदस्य श्वेता कुमारी द्वारा दी गईपरिवार को सही उम्र में शादी, सही उम्र में बच्चा, दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर एवं दो बच्चे तक ही परिवार बढ़ाने की सलाह दी गई इसके साथ-साथ परिवार नियोजन के अस्थाई साधन का वितरण किया गया तथा महिला को संतुलित आहार खाने के प्रति एवं प्रसव पूर्व जांच कराने की सलाह दी। इसके साथ-साथ हरी साग सब्जी खाने एंव आयरन युक्त भोजन खाने के प्रति,साबुन से हाथ धोने के प्रति जागरूक किए बैठक मे A N Mआशा एवं C3 संस्था के प्रखंड समन्वयक विनय भूषण उपस्थित रहें।

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